केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि भारी जुर्माना ट्रैफिक उल्लंघन के खिलाफ एक निवारक के रूप में काम करेगा. पिछले दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इसी तरह का बयान दिया था.

नए ट्रैफिक जुर्माने पर बोले नितिन गडकरी- जब सोनिया गांधी और अरविंद केजरीवाल तैयार हैं तो...

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक फिर सभी राज्यों से बिना किसी भेदभाव के ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लगाए गए नए जुर्मानों का समर्थन करने को कहा है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात और दक्षिण में बीजेपी शासित कर्नाटक की सरकारों ने अपने राज्यों में मानवीय आधार पर जुर्मानों की दरों को कम कर दिया है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि भारी जुर्माना ट्रैफिक उल्लंघन के खिलाफ एक निवारक के रूप में काम करेगा. बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इसी तरह का बयान दिया था.

खास बातें

  •     बिना किसी भेदभाव के नए ट्रैफिक उल्लंघन के जुर्माने को लागू करे राज्य
  •     सोनिया गांधी और अरविंद केजरीवाल ने भी किया है समर्थन
  •     गुजरात, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल ने बढ़े जुर्माने को लागू करने से मना किया

अरविंद केजरीवाल ने पिछले सप्ताह दिल्ली के ट्रैफिक में आए सुधार को देखते हुए नए जुर्माने लगाने पर केंद्र सरकार का समर्थन किया था. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि यदि नए जुर्माने लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं तो जहां तक उनकी सामर्थ्य होगी वह इन्हें कम करने की कोशिश करेंगे. केजरीवाल ने नवंबर में प्रदूषण को कम करने के लिए ऑड-ईवन योजना की वापसी की घोषणा करने के बाद कहा था, 'नए मोटर वाहन अधिनियम के लागू होने के बाद से दिल्ली के यातायात में सुधार हुआ है.'

वहीं मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में जब नितिन गडकरी से पूछा गया कि वह कुछ बीजेपी शासित राज्यों के नए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पर लगने वाले जुर्मानो को लागू नहीं करने के बारे में क्या सोचते हैं तो उन्होंने कहा, 'आप यह भी क्यों नहीं कहते है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संशोधित मोटर वाहन अधिनियम का समर्थन किया है?' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्यों को जुर्माना कम करने का अधिकार है, लेकिन वे इसके परिणामों के लिए भी जिम्मेदार होंगे. पिछले हफ्ते NDTV को दिए एक इंटरव्यू में नितिन गडकरी ने कहा था, 'क्या राज्यों के लिए जुर्माने से महत्वपूर्ण लोगों की जान नहीं है? यह जीवन बचाने का सबसे आसान तरीका है.'
बता दें कि गुजरात की विजय रूपानी सरकार ने बढ़े हुए जुर्माने की राशि को कम किया था. सरकार ने केंद्र द्वारा निर्धारित राशि का 10 प्रतिशत तक कम कर दिया था. इसके बाद कर्नाटक सरकार ने भी अपने यहां जुर्माने की राशि को कम कर दिया था. वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने राज्य में इस तरह के कठोर नियमों को लागू करने से साफ तौर पर इंकार कर दिया था.

Similar News

Sign up for the Newsletter

Join our newsletter and get updates in your inbox. We won’t spam you and we respect your privacy.