भारतीय क्रिकेट टीम के सफलतम तेज गेंदबाजों में शुमार जहीर खान आज अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं।

जहीर ने अपने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कॅरियर में भारत की ओर से खेलते हुए कुल 92 टेस्ट और 200 वनडे मैच खेले।

एक ऐसा गेंदबाज जिसने भारत की गेंदबाजी आक्रमण को और धारदार बनाया और विपक्षियों को अपनी सटीक लाईन-लेंग्थ से खूब परेशान किया। यही कारण था की अपने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में उन्होंने 610 शिकार किए और अपनी एक अलग पहचान बनाई।
जहीर ने इस दौरान 17 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में भी भाग लिया और 17 विकेट चटकाए। कुल मिलाकर जहीर ने 309 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 610 विकेट अपने नाम किए और देश के सफलतम तेज गेंदबाजों की लिस्ट में शुमार हुए।

1978 में महाराष्ट्र के अहमदनगर में जन्मे और श्रीरामपुर के रहने वाले जहीर खान पढ़ लिखकर इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन पिता ने उनसे कहा कि बेटा देश में इंजीनियर तो बहुत हैं तुम तेज गेंदबाज बनो और देश के लिए खेलो। उसके बाद जो हुआ वो एक इतिहास है।

जहीर के पिता उन्हें 17 साल की उम्र में मुंबई ले गए और फिर जिमखाना के खिलाफ फाइनल में जहीर द्वारा लिए गए 7 विकेटों ने उन्हें एकाएक सुर्खियों में ला दिया। यहां से जहीर के क्रिकेट की दमदार शुरुआत हुई और उन्हें मुंबई और वेस्ट जोन की अंडर-19 टीम में शामिल कर लिया गया। इसके बाद जहीर एमआरएफ पेस अकादमी से होते हुए तेजी से आगे बढ़े और भारतीय टीम में जगह बनाते हुए सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ने लगे।
 भारत की तरफ से तेज गेंदबाजों में यदि कपिल देव भारत के दाएं हाथ के सर्वकालिक महानतम तेज गेंदबाज रहे तो वहीं जहीर बाएं हाथ के सफल गेंदबाज बने। जहीर ने उस दौर में भारतीय गेंदबाजी की कमान संभाली जब टीम में तेज गेंदबाजों के अंदर-बाहर जाने का दौर चल रहा था।
जहीर ने हमेशा टीम की जरुरत को अपनी गेंदबाजी से पूरा किया। टीम को जब भी विकेट की तलाश होती कप्तान उन्हें बेहिचक गेंद थमा देते और जहीर भी उन्हें निराश नहीं करते।

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