अमेरिका अपनी हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने में सफल रहा है। इस मिसाइल का नाम एजीएम -183 ए एयर-लॉन्च रैपिड-रिस्पॉन्स वेपन है। अमेरिका ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब रूस ने पिछले सप्ताह हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया था।

अमेरिका ने रूस, चीन के साथ टक्‍कर लेने के लिए हाइपरसोनिक मिसाइल लॉन्च की।

रूस और चीन से मिसाइलों को मार गिराने के लिए अमेरिका एक बेहद घातक हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने में सफल रहा है। अमेरिकी वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हवा से दागी गई एजीएम -183 ए मिसाइल 8 से 10 हजार किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन पर हमला करने में सक्षम है। एजीएम -183 ए अमेरिकी एयरफोर्स में शामिल होने के बाद अमेरिका की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल होगी। इसके अलावा, अमेरिका एक छोटी हाइपरसोनिक मिसाइल मेेहम पर भी काम कर रहा है।

एयरफोर्स पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में, एयरफोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के रणनीतिक मामलों के निदेशक मेजर जनरल एंडु गबरा ने सार्वजनिक रूप से पेंटागन की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल को कहा। उन्होंने कहा कि मिसाइल 10 से 12 मिनट में 1600 किमी की दूरी तय करेगी। इस मिसाइल की गति 6.5 या 7.5 मैक होगी। बता दें कि 5 मैक से अधिक की गति से हमला करने वाला हथियार हाइपरसोनिक मिसाइलों में गिना जाता है। इस मिसाइल का परीक्षण जून 2019 से चल रहा है और अक्टूबर 2021 में इसका परीक्षण किया जाएगा।

ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के कमांडर जनरल टिमोथी एम। रे ने कहा कि यह मिसाइल पेंटागन की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल होगी। यह आने वाले कुछ वर्षों में प्रारंभिक परिचालन क्षमता हासिल कर लेगा। इस मिसाइल को अमेरिका के सबसे घातक बी -52 रणनीतिक बमवर्षकों पर तैनात किया जाएगा। इसके लिए बी -52 में काफी बदलाव किया जा रहा है। अमेरिका एक हाइपरसोनिक मिसाइल बना सकता है, लेकिन यह अभी भी रूस से काफी पीछे है, जिसने 10 मैक और 20 मैक कर्नेल-हिट किंजल और अवेंजार्ड हाइपरसोनिक मिसाइलों का निर्माण किया है। रूस ने पिछले हफ्ते अपनी तीसरी हाइपरसोनिक एंटी स्लिप मिसाइल जिरकॉन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस मिसाइल ने 8 माच गति प्राप्त की।
केवल रूस की S-500 मिसाइल रक्षा प्रणाली अमेरिका की इस हाइपरसोनिक मिसाइल को हरा सकती है। हालांकि, उसके पास भी इस मिसाइल को मारने के लिए केवल 4 मिनट का समय होगा। हाइपरसोनिक मिसाइल ठोस ईंधन रॉकेट बूस्टर से बनी है। यह बूस्टर मिसाइल को हाइपरसोनिक गति प्रदान करता है। दूसरी ओर, सेना और नौसेना ने अपने स्वयं के हाइपरसोनिक डिलीवरी सिस्टम कॉमन हाइपरसोनिक ग्लाइड बॉडी व्हीकल या सी-एचजीबी का परीक्षण किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने के लिए बजट में 23 प्रतिशत की वृद्धि की है।

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