तेलंगाना और तमिलनाडु में कुछ मामले सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मोबाइल पर तुरंत ऋण (ऐप इंस्टेंट लोन ऐप) की धोखाधड़ी की जांच शुरू कर दी है।

ED ने मोबाइल पर ऐप के जरिए फर्जी तरीके से कर्जा लेने वालों के खिलाफ जांच शुरू की।

ईडी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में 1100 करोड़ रुपये की चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के साथ ही मामले पर जांच शुरू करने का फैसला किया है। तेलंगाना में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर सहित पांच लोगों ने कर्ज नहीं चुकाने पर मिल रही धमकियों के कारण अपनी जान दे दी है।

इन लोगों को नियामक दिशानिर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मोबाइल ऐप पर त्वरित ऋण प्रदान करने वाली कंपनियों द्वारा धमकी दी जा रही थी। तेलंगाना पुलिस ने इस मामले में 50 मामले दर्ज किए हैं और 29 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन चीनी मूल के नागरिक भी शामिल हैं।

साथ ही, चेन्नई पुलिस ने दो चीनी नागरिकों और दो भारतीयों को भी गिरफ्तार किया। सूत्रों के मुताबिक, दोनों राज्यों की पुलिस से मिली शिकायत के बाद, ईडी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए, ऐप के जरिए तत्काल ऋण देने के मामले में भी जांच शुरू कर दी है।
ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामले में चीनी नागरिकों के खिलाफ भी जांच चल रही है। हैदराबाद पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ऐप पर उधार के लिए लगभग 21 हजार करोड़ रुपये के लगभग 1.4 करोड़ लेनदेन हुए हैं।

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