पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और ठंडे पानी का इस्तेमाल किया।

सीएम खट्टर के करनाल पहुंचने से पहले ही हजारों किसान कार्यक्रम का विरोध करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए।

हरियाणा के करनाल जिले के कैमला गांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की किसान महापंचायत के आगे किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे गए। इस महापंचायत में कार्यक्रम आयोजित होने से पहले ही हजारों किसान कार्यक्रम का विरोध करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। इसे देखते हुए पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और ठंडे पानी का इस्तेमाल किया है। इसके कारण वहां की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस के साथ झड़प के बाद, किसान आसपास के खेतों में चले गए हैं। पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद किसानों ने कार्यक्रम स्थल पर मंच तोड़ दिया है।

उसी के आसपास लगाए गए बैनर भी फाड़ दिए गए हैं। किसान संगठनों के इस उग्र प्रदर्शन को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर मौजूद भीड़ भी भाग गई। यही नहीं, कार्यक्रम स्थल से थोड़ी दूरी पर बनाया गया हेलीपैड भी किसानों ने उखाड़ दिया। हरियाणा में किसानों से संवाद करने के लिए भाजपा की ओर से करनाल में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था। किसान संगठन पहले से ही कार्यक्रम का विरोध कर रहे थे। आज किसान काले झंडे लेकर कार्यक्रम स्थल की ओर जाने लगे। किसान भी काले कानून वापस लो जैसे नारे लगा रहे थे।

यही नहीं, किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के हेलीपैड की ओर जाना भी शुरू कर दिया। इसे देखते हुए करनाल प्रशासन ने जल्दी से हेलीपैड शिफ्ट कर दिया। किसानों के विरोध को देखते हुए प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम स्थल पर जाने वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई थी। साथ ही हरियाणा पुलिस के 1500 जवान भी तैनात किए गए थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, ADGP रैंक का एक अधिकारी भी तैनात किया गया था। लेकिन किसान सभी अवरोधों को तोड़कर आगे बढ़े।
इस दौरान पुलिस के साथ किसानों की जबरदस्त झड़प हुई। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर लगभग 2000 किसान मौजूद थे, जिन्हें मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने संबोधित किया था। कांग्रेस ने मनोहर लाल खट्टर के इस किसान महापंचायत कार्यक्रम को पाखंड करार दिया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर लिखा है कि मा। मनोहर लाल जी, करनाल के कैमला गाँव में किसान महापंचायत होने का नाटक करना बंद करें। दाताओं की भावनाओं और भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश बंद करो।

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